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श्रीराम की महिमा

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श्रीराम की महिमा वो प्रभु श्री राम जो एक प्रण के लिए, वन वन भटके होटों पे मुस्कान लिए, जिनका नाम लेते ही शुभ समय आये, आज अयोध्या फिर से उनके गीत गाये। जो सदा से जग के पालनहार रहे हैं, जिनका गुण गान यह संसार किये है, जो समूची सृष्टि के तारणहार रहे हैं, वो फिर मंदिर में विराजमान हो रहे हैं। वो मर्यादा पुरूषोत्तम और चरित्रवान हैं, वो जगत में अतुलनीय और सबसे महान हैं, मन में उनके प्रति प्रेम और सम्मान बहुत है, प्रसन्नता के लिए श्री राम का नाम बहुत है। इस जगत में आदर्शों के नायक हैं वो, हर परिस्थिति में पूजने लायक हैं वो, जिसने संसार को जीने की रीत सिखाई, देंगे अयोध्या में दर्शन फिर से वो रघुराई। कितनी प्रतीक्षा के बाद ये रुत है आयी, कितने त्याग के बाद ये शुभ घड़ी है आयी.. अब दर्शनों को व्याकुल मन होंगे सफल, तर जाएंगे देखकर दिव्य मूरत एक पल। श्री राम रोम-रोम में समाए हैं इस तरह, पानी में चीनी घुल जाती है जिस तरह, बस यूं ही श्री राम का दरबार सजा रहे, हर युग में उनका प्रताप हम पर बना रहे।। सप्रेम भेंट - समीर

जीवन के रंग (Colours of Life)

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जीवन के रंग  जब कभी भी जीवन असंतुलित हो, मन को ज़रा भी ना विचलित करो, खूबसूरत सा कोई खयाल अंकुरित करो,  एक मुस्कान से हर दर्द का इलाज करो। जीवन पथ में वक़्त की अपनी रफ्तार है, मुश्किलों पे सर पीटना बिल्कुल बेकार है, निरंतर स्थिति से निबटने का प्रयास करो, आशा का दीप जलाकर बस आगे बढ़ो। जो चाहा वो मिल जाए तो बहुत अच्छा, गर प्रयास हो असफल, बदल जाये रास्ता, किसी नई मंज़िल जाना है, ये समझ लो, और उत्साहित हो कर फिर नए सपने बुनो। ये जीवन तो मुट्ठी में रेत की भांति है, हर बीतते पल का भरपूर आनंद लो, एक छोटे बच्चे सा हमेशा उत्साहित रहो, सब कुछ भूल जीवन में चिंता रहित रहो। इस ज़िन्दगी के यारों रंग हैं कई हज़ार, हर एक रंग से कर लो जी भर के प्यार, कि चंद सांसें भी नहीं मिलती है उधार, जब हो जाती है पूरी ये उम्र-ए-बहार।। -समीर उर्फ "सहर नवाबी"।

मोदी और उम्मीद (Mody & Hope)

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[ पृष्ठभूमि: भारत के इतिहास में श्री नरेन्द्र दामोदर दास मोदी का दूसरी बार आम चुनाव 2019 में भारी मतों से भारत के प्रधानमंत्री के रुप में चुन कर आना एक ऐतिहासिक घटना थी। इस देश को श्री मोदी से कई उम्मीदें थी और हैं।  मैनें ये पंक्तियाँ आज से एक साल पहले लिखी थीं और ये आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।  आज के दौर में तमाम गतिरोधों के बावज़ूद भारत के प्रधानमंत्री श्री मोदी अनवरत देश की समस्याओं से नागरिकों को निजात दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। चाहे कोरोना वायरस का संकट हो या तहस नहस हुई अर्थव्यवस्था को सम्हालने के प्रयास, श्री मोदी बिना रुके, बिना थके, अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। देश को उम्मीद है कि श्री मोदी के नेतृत्व में देश शीघ्र ही हर संकट से उबर कर, आत्मनिर्भर हो कर, विश्व में एक प्रभावी स्थान प्राप्त करेगा। देेश की प्रगति के पथ पर सारे देशवासी एक साथ है। इसी भाव को दर्शाती ये चंद पंक्तियाँ. . 🌹🙏]                   मोदी और उम्मीद वर्ष २०१९ लोकसभा चुनावों के नतीजे.. भारतीय जनता पार्टी की अखंड विजय.. श्री नरेंद्र ...

जीतेगा जज़्बा "कोरोना" से (The Courage Will Win Over Corona)

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  जीतेगा जज़्बा "कोरोना" से  यूँ लगता है जिंदगी मुरझा सी गयी है, अरमानों की कली कुम्हला सी गयी है, सपनों की फ़ेहरिस्त तो अच्छी खासी है, पर फिर भी छाई एक अजीब उदासी है। जिस जहाँ को हम अपना समझते थे, जिधर मन चाहे इत्मिनान से विचरते थे, वहां अब न जाने क्यूँ लगी पाबंदियां हैं, पाँवों में लग गयी अनजानी बेड़ियाँ हैं। एक अनकहे डर से ये रूह काँपती है, गले मिलने से अब इंसानियत भागती है, फासले तो पहले भी इस जहाँ में कम न थे, पर गले मिलने में फिर भी पीछे हम न थे। ये 'कोरोना वायरस' का अगर प्रभाव है, हमारे अंदर भी नहीं शक्ति का अभाव है, किया है हमने कई आपदाओं का सामना, बस तुम रखो सावधानी, हिम्मत न हारना। फिर जहाँ में पहले जैसी चहल पहल होगी, न रहेगा कोई भी कोरोना वायरस का रोगी, फिर सब खुल के सभी से मुलाकात करेंगे, अपने जज़्बे से जीत का हम इतिहास रचेंगे।। - समीर उर्फ 'सहर नवाबी'

ठहराव (Thehrav)

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ठहराव (Thehrav) हर वक़्त गुज़र जाता है,  कारवां ज़िन्दगी का चलता रहेगा.. आज एक मुश्किल दौर है, पर ये दौर भी कब तक रहेगा। कुछ आदत सी पड़ गयी है हमें, खुद से बात करना मुश्किल लगे.. दुनिया की इस भेड़ चाल में हमें बस चलते जाना ही अच्छा लगे। कभी कभी ठहराव भी ज़रुरी है, ज़रा इत्मिनान से सोच कर देखो.. कहाँ वक़्त मिलता है यूँ हमेशा, ज़रा अपनी रूह से पूछ कर देखो। ये रास्ते जो आज सूने पड़े है, इनकी आवाज़ सुनाई दे रही है.. कुछ सुकून तो मिला इन्हें भी, इनकी दास्तान तो अनकही है। कल फिर ज़िन्दगी रफ़्तार लेगी, कुदरत का ये दस्तूर चलता रहेगा.. फिर न मिलेगी पल-भर फुरसत हमें, शिकायतों का दौर फिर चलता रहेगा।। - समीर उर्फ 'सहर नवाबी'

कोरोना से संघर्ष (Struggle with Corona)

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कोरोना से संघर्ष   आज इंसान कर रहा कठिन संघर्ष है, विशेषज्ञों से ले रहा तमाम परामर्श है.. ये कैसी मुश्किल घड़ी आन पड़ी है, बंद कमरों में ज़िन्दगी गुज़र रही है। चेहरे पे मास्क है और दिल में डर, नौकरी की चिंता, मंदी का असर, किसी को है अपनों से मिलने की आस किसी को चाहिये खुलेपन का एहसास। जब प्रकृति के कई नियम टूट रहे थे, तब भी हम  सुनहरे सपने बुन रहे थे.. बेचैनी अब हर दिन क्यों बढ़ रही है, ईश्वर पर आस्था क्या अब नहीं है? अब भी हमने अगर गलती न मानी, तो बह जायेगा सिर के ऊपर से पानी.. करो पालन सभी सरकारी आदेशों का, बचा लो देश को, मत करो तुम नादानी। जब उम्मीद दम तोड़ती प्रतीत होती है, तभी मायूसी ज़िन्दगी में शरीक होती है.. ज़िन्दगी मगर संघर्ष का प्रतीक होती है, अंधेरे पे हमेशा उजाले की जीत होती है ।। - समीर उर्फ 'सहर नवाबी'